“”**जिंदगी”**
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खुश रहकर गुजारो,
तो मस्त है जिदंगी,
दुखी रहकर गुजारो,
तो त्रस्त है जिंदगी,
तुलना में गुजारो,
तो पस्त है जिंदगी,
इतंजार में गुजारो,
तो सुस्त है जिंदगी,
सीखने में गुजारो,
तो किताब है जिंदगी,
दिखावे में गुजारो,
तो बर्बाद है जिदंगी,
मिलती है एक बार,
प्यार से बिताओ ये जिदंगी,
जन्म तो रोज होते हैं,
यादगार बनाओ ये जिंदगी!!
आपकी जिंदगी खुशियों भरी हो
मधुर सवेरे की
मंगलकामनाएँ
सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें ।
सविनय ,
आपका अपना मित्र
जानकी प्रसाद विवश
. ( .रचना उद्धरित…. अज्ञा त …
साभार। )
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