जीतने की ख्वाइश

जीतने की ख्वाइश में कछुए सा चल रहा हूँ,
लेकिन ख्वाइशों का खरगोश सोने के लिए रूकता ही नहीं
राजेश’अरमान’

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One response to “जीतने की ख्वाइश”

  1. Abhishek kumar

    Wow

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