*जीवन है अनमोल*

जीवन है अनमोल,
इसे व्यर्थ में ना गंवाइए,
चलना सदा सत्य पथ पर,
बाधाओं से ना घबराइए।
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कर अथक निरंतर प्रयास,
सफलता को पाइए,
मन में जो पाले ख्वाब बड़े,
उन्हे सार्थक कर दिखाइए।
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मिलेंगी राह में मुश्किलें,
उन मुश्किलों से लड़ जाइए,
रहना अडिग जो पथ चुना,
फिर कदम पीछे ना हटाइए।
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काबिज़ हो जाए जो उच्च शिखर,
अहम् भाव मन में ना लाइए,
सीखने की लालसा सदा हो मन में,
बड़ों का आशीर्वाद पाने को झुक जाइए।
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मीठी वाणी बोल कर,
सबका मन लुभाइए,
करना ईश की बंदगी,
आशीर्वाद ईश्वर का पाइए।
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करना है सर्वस्व न्योछावर,
मां भारती का कर्ज चुकाइए,
नतमस्तक हो दुनिया सारी,
स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम लिख जाइए।

स्वरचित मौलिक रचना
✍️…अमिता गुप्ता

Comments

4 responses to “*जीवन है अनमोल*”

  1. रोहित

    बहुत सुंदर रचना अमिता जी

    1. Amita

      आपका सादर आभार भाई जी

  2. जीवन पर आधारित बहुत सुन्दर रचना है 

    1. Amita

      सुंदर समीक्षा हेतु आपका सहृदय आभार दीदी जी

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