जो करता रहा इंतज़ार पल पल,

जो करता रहा इंतज़ार पल पल,
आज हर पल का वो हिसाब माँगता है,
दिल के रिश्तों की कीमत और प्यार का खिताब माँगता हैं,
कितना बदल गया है वो,
हर बात पर अब ईनाम माँगता है,
तरसता था मिलने को हर दिन कभी, आज वही हर दिन वो इतवार माँगता है,
बिन कुछ कहे चलता रहा साथ जो, वो आज दो कदम पर विश्राम माँगता है,
पूछा ना सवाल कोई जिसने एक क्षण भी कभी,
वो आज छोटी छोटी बात पर जवाब माँगता है॥
#राही (अंजाना)

Comments

2 responses to “जो करता रहा इंतज़ार पल पल,”

Leave a Reply

New Report

Close