जन्म भये जब गांधी
चली थी सत्य , अहिंसा की आंधी।
जगत में नवचेतना सी ला दी।
तुम्हें है लाख नमन प्यारे गांधी।
तकली-चरखा, वदन में धोती,
खादी की धूम मचा दी।
तुन्हें है लाख नमन प्यारे गाँधी।
चली थी सत्य अहिंसा की आंधी,
जनम भये जब बापू प्यारे गाँधी।
शोषित-पीड़ित थी जब जनता,
गोरों के हाथ में देश का धन था,
तब गाँधी ने संभाला,
तुन्हें है लाख नमन प्यारे गाँधी।
तुम्हें है लाख नमन प्यारे गांधी
Comments
One response to “तुम्हें है लाख नमन प्यारे गांधी”
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महात्मा गांधी जी पर सच्ची प्रस्तुति
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