मेरी पलके झुकती नहीं तेरे इंतज़ार में,मेरी आंखे भर आती है तेरे दीदार में,तुझे क्या समझ आएंगी मेरे दिल की बातें तू तो बैठा है किसी और के इंतज़ार में,एक बार सुन ली होती मेरे दिल की धड़कने जो धड़कती है तेरे ही प्यार में,हर वक़्त हर लम्हा तुझे सोचकर एक ज़िन्दगी जी ली तेरे प्यार में,अब चले जाएंगे हम तुझे छोड़कर, प्यार बिना कुछ नहीं इस संसार में ,कभी वक़्त मिले तो याद करना इस नाचीज़ को तुझे जीत मिली थी जिसकी हार में,इबादत यही है रब से ,एक जन्म और मिले मुझे उधार में,कभी तो सुनाई देगी तुझे मेरे दिल की बात,किसी एक जन्म में तो मिलेगा मुझे तेरा साथ।
दिल की बाते
Comments
2 responses to “दिल की बाते”
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बहुत खूब… खूबसूरत अल्फ़ाज़ और खूबसूरत ज़जबात का मेल है ये … NIcely penned poem
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Superb
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