दुआयें

जिनको देनी हैं वो हमको दुआयें देंगे,
बेवफाई के बदले भी हमको वफायें देंगे,

हम गुनाह कुबूल कर बैठेंगे उनके आगे,
पर वो जब भी देंगे हमको सजायें देंगे,

घुप्प अँधेरे में दूर तक नहीं दिखेंगा कोई,
तो चुपके से जुगनुओं को हम सदायें देंगे,

बड़ी शिद्दत से निभाई मोहब्बत हमनें मगर,
क्या मालूम था वो फिरभी बद-दुआयें देंगे॥

राही अंजाना

New Report

Close