दौलत रूपी आग ने
.. अपनो से कर दिया दुर।
मैने भाई बनाना चाहा राम और लक्ष्मण जैसा;
लेकिन दौलत रूपी आग ने बना दी भाई जैसे पवित्र “रिस्ता”–
रावण और विभीषण जैसा।।
jyoti
दौलत रूपी आग।
Comments
7 responses to “दौलत रूपी आग।”
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वह
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धन्यवाद
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Wah
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अभार
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Very nice
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शुक्रिया
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Abhar apka
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