चौसर खेलने वाले भी
जग में पूजे जाते हैं
राज़-काज,अनुज,पत्नी और प्रजा
सर्वस्व दांव पर रखकर भी
एक भी बाजी ना जीते
सर्वस्व हार ही जाते हैं
समय की विडम्बना देखो
ऐसे लोग भी
धर्मराज कहलाते हैं
चौसर खेलने वाले भी
जग में पूजे जाते हैं
राज़-काज,अनुज,पत्नी और प्रजा
सर्वस्व दांव पर रखकर भी
एक भी बाजी ना जीते
सर्वस्व हार ही जाते हैं
समय की विडम्बना देखो
ऐसे लोग भी
धर्मराज कहलाते हैं