नजर जब

नजर हो
यदि कभी टेढ़ी
विधाता की तुम्हारे पर,
उन्हें बस हाथ जोड़े तुम
जरा प्रणाम कर लेना,
सभी कुछ आपका ही है
यही कह सिर झुका लेना।

Comments

One response to “नजर जब”

  1. Geeta kumari

    Very beautiful lines chandra ji

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