नित शाखें प्यार की हैं झूमती

**मित्रता के तख्त पर”**
मधुर प्रातः स्मरण “

नित शाखें प्यार की हैं झूमती ,
हर जिंदगी के. दरख्त पर ।
हर सुवह शाम की दुआ-सलाम,
करते है मित्रता के तख्त पर ।

जानकी प्रसाद विवश
प्यारे मित्रो ,
मधुर सवेरे की हार्दिक मंगलकामनाएँ ,
सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें ।

आपका अपना मित्र
जानकी प्रसाद विवश

Comments

2 responses to “नित शाखें प्यार की हैं झूमती”

  1. Abhishek kumar

    Good

Leave a Reply

New Report

Close