न जाने क्या यह
सपना हकीकत है,
या हकीकत नहीं
सपना ही सपना है।
न रोक पाती हैं
अन्य कोई सीमाएं,
नेह से देख ले जो
बस वही अपना है।
दूर से दूर के भी
लोग लगे अपने से
नेह रखें मन तो
संसार सकल अपना है।
नेह से देख ले जो
Comments
One response to “नेह से देख ले जो”
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बहुत सुन्दर और लाजवाब अभिव्यक्ति
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