पगली लड़की /07

( पगली लड़की / 07 )

मृदुल चंचल उमंग लिए
मन को सुशोभित करती हैं
त्याग तपस्या आत्मबल से
मुस्कान की किरण बिखेरती हैं
थोडी सी पगली बनकर
दिल को मेरे खुश रखती हैं
समझ नहीं पाता मैं भी
क्यो गुस्से की महल बनाता हूँ
खुश रहता हूँ तो खुश रहती हैं वो
ऱुठु तो मनाती हैं
बातो बातो से साहस भर देती
जीवन को मेरे रौशन कर देती
मन प्रीत महेश प्रबल हुए
पगली लड़की जब जीवन में आयी
रंग बिखेर घर आंगन में मेरे
स्वर्ग छवि सा दृश्य बनायी

महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल – 9918845864

Comments

One response to “पगली लड़की /07”

Leave a Reply

New Report

Close