महेश गुप्ता जौनपुरी, Author at Saavan's Posts

यशोदा प्यारे कृष्ण

यशोदा प्यारे कृष्ण कहें यशोदा मैया कान पकड़ कान्हा से तंग हुई मैं लल्ला अब तेरे शरारत से सुनो लल्ला माखन चोरी की आदत छोड़ो मेरे प्यारे कृष्ण मुरारी मटकी ना फोड़ों छूप-छूप कर तुने सारे माखन हैं खाये दही माखन को तुने घर में है गिराये मेरे लल्ला अब सारी मस्ती तो छोड़ो मेरे प्यारे कृष्ण मुरारी मटकी ना फोड़ों बहुत किया है तंग मुझे माखन गिराकर भोली भाली सूरत बना इठलाकर सुनो लल्ला मथनी रस्सी अब ना तोड़ो ... »

हौसला

हौंसले के दम पर जीते आ रहा हूं, लहू को बहाकर घूंट पीते आ रहा हूं। पहचान की परवाह करना मैं छोड़ दिया, धर्म कर्म से जीने का सलीका जब से सीखा हूं।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

नाम

नाम पहचान को तांक में रखकर, धर्म कर्म सदैव करते रहना यारों। अजर अमर के ढोंग को त्याग कर, मरकर ख्वाहिश फूलों का ना करो।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

हारा प्राणी

हारा प्राणी हारा प्राणी धूल चटाता, जीता प्राणी टेस में जीता। जागरूक हमेशा लड़ता है, हालातों से कभी नहीं घबराता।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी »

बात

बड़ी बड़ी बाते से हौसला मिलता, चींटी के कहर से हाथी मरता । ईर्ष्या बड़े बड़े को नाश करता, छोटे बनने से बहुत कुछ मिलता।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

ज्वाला

तन मन में मेरे ज्वाला धधक रहा, सीने में मेरे बदले की भावना पनप रहा। दूर हो जा मेरे नज़रों से पापी पाकिस्तानी, तेरे दशहतगर्द का खेल मैं जान रहा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

राजनीति

आज राजनिति का लगता है भोर हुआ है, चारों तरफ नेता जी का मचा शोर हुआ है। आंख खुला नेता जी का जथ्था देखा घर पर, लगता है वर्षो बाद चूनाव का बिगुल बजा हुआ है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

देश समाज

देश समाज में ये क्या फैला है, आतंक का बजता बिगुल यहां हैं। देख कर अहर्निश का अपराध, रो रो कर मेरा बुरा हाल हुआ है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

आतंक

आतंक का आओ मिलकर नाश करें, चोर उचक्कों का चलो पर्दाफाश करें। छोटे मोटे गुंडे मवाली को सबक सिखा, उनके अपराधी हौसले का अंत करें।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

अपराधी

अपराधी खुल्लम खुल्ला घूमें, चमचों का जब बाजार गरम हो, नेता जब जनता का कदम चूमें, तब समझो चुनाव का भोर हुआ हैं।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

दिल

मुझे देख तुम्हें सच में रोना आता हैं, मैं खुश हूँ इंसानियत को जिंदा देखकर। हालातों को देख मुँह फेरने वाले सैकड़ों हैं, एक जिंदा दिल को देख मेरे दिल तू दुआ कर।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

चोर

चोर चोर मौसेरा भाई, नेता अपराधी जट्टे बट्टे। काम निकालते बनकर सच्चे, अपराध को बढाते बनकर अच्छे।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

दिल्ली

दिल्ली के चोर सन्नाम हैं जहाँ में, नेता और चोर बेइमान हैं वहाँ के। कभी मत आना उनके झांसे में, फ्री फ्री बोलकर ठगते बहुत है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

दिल का सुनो

दिल की सुनो दिल से करो बात, इंसानियत को जगाओ मित्र करो ना रात। रब से करो तुम अपने दुख का फरियाद, अपने प्यार को लुटा नफरत को दो मात।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

इश्क

तुम्हारे प्यार में मैं क्या से क्या हो गया, कभी मिट्टी का दीया कभी मटका बन गया, जब देखा तुम्हारो हाथों में गैर का हाथ। मैं फौलादी मिट्टी का इंसान टूट कर बिखर गया।। महेश गुप्ता जौनपुरी »

साक्षात्कार

आतंकी गुंडे मवालियों का जात धर्म नहीं होता, सपनों में भी हत्यारो से अच्छा कर्म नहीं होता। गुंडे बदमाश के लिए आलाप कढ़ाने वाले आस्तीन, जाहिलो के लिए दिल में कोई मर्म नहीं होता।। »

आवाज

अपने आवाज को बुलंद करके देखो, अपने वाणी में मधुरता घोल करके देखो। पावनता में तुम एक बार जी कर देखो, रिश्तों को हवा पानी खाद एक बार दे कर देखो।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

शिखर

शिखर की ऊंचाईयों को टकते सभी, पांव के छाले खून का रिसाव दिखता नहीं। मेहनत हौसले को दुनिया समझती नहीं, यहा के लोग बड़े जालिम है तरक्की देखते नहीं।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

समाज

समाज में धोखेबाजों का लगा अंबार है, असमाजिक तत्वों से भरा संसार है। उग्रता में बह रहा देश का अहंकार, चरित्र के आन बान पर टिका यह संसार है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

आदर्श

आदर्श के बल पर ही टीका है संसार, आदर्श से ही चल रहा रिति व्यवहार। नजर खतरों का अबइशारा हो गया, नजर से नजर मिला कर धोखाधड़ी कर रहा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

रहमो-करम

बातों से कब तक जीते रहेंगे, रहमो करम पर कब तक रहेंगे। उग्रता के शाख पर कब तक बैठोगे, सच्चाई को समझो और बढ़ो तुम आगे।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

पग

पगड़ी मत उछालों बीच बाजार में, पग होता है शान नेक इंसान का। झूठ का दामन पकड़ जलील ना करो, इंसानियत का गला घोंटना काम है शैतान का।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

नेता

नेता जी मिठी बाणी बोले लगता है चुनाव आया है, भरी दोपहरी मेड़ पर डोले लगता तनाव छाया है। याचना में भैया बाबू करके मांगे वोट दिन दुखी बन, जीतते चुनाव तेवर बदले सलाह देते करते प्रहार है।। महेश गुप्ता जौनपुरी »

आन बान

आन बान शान में जले मेरी जवानी, लहू के कतरे को देख तड़पे मेरी जिंदगानी। अहर्निश के वादों को मैं संजो कर‌ रखता, कभी भूल सकता नहीं वीरों की बलिदानी।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

तन्हा सफर

तन्हा सफर में मैं आगे बढ़ रहा हूं, मजबूरी की गठरी लेकर चल रहा हूं। वादें पुरा करने को पैदल सफर कर रहा हूं, अपने कदमों से गिन गिन कर दूरी तय कर रहा हूं।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

रहस्य

आ गया वक्त अब रहस्य उजागर करने का, यथार्थ के चक्कर में समय ना बर्बाद करो। साधक बनकर देश का कल्याण करो, सांत्वना देकर परेशान आत्मा पर उपकार करो।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी »

दिल का सुन

दिल का हाल काश तुम मेरे संग चलते। काश तुम मेरे रंग में ढ़लते।। काश तुम मेरे होंठों के मुस्कान बनते। काश तुम मेरे प्यारे से मेहमान बनते।। काश तुम मेरे सपनों के नाल बनते। काश तुम मेरे दिल का हाल सुनते।। काश तुम मेरे जज़्बात बनते। काश तुम मेरे सरताज बनते।। काश तुम मेरे सपनों का सौदागर बनते। काश तुम मेरे शब्दों के अलंकार बनते।। काश तुम मेरे अहर्निश के ढ़ाल बनते। काश तुम मेरे दिल का हाल सुनते।। काश तुम... »

योग

देशवासियों योग करो तन मन से निरोग रहो, आयुर्वेद योग के अलौकिक गुणों को अपनाकर । अपने इम्यून सिस्टम को हम सभी मजबूत करें, आओ एक उपकार करें योग के गुणों को बतलाकर।। महेश गुप्ता जौनपुरी »

योग दिवश पर विशेष

योग के अलौकिक गुणों के माध्यम से कोरोना को दें मात रोगी के शरीर को योग के माध्यम से धीरे धीरे रोग मुक्त कर दें उसे हम योग कहते हैं योग के कई परिभाषा हैं। योग बहुत ही प्राचीन एवं धार्मिक पध्दति हैं जिसका उल्लेख वेद पुराणों में भी मिलता हैं। योग के दम पर ही हमारे ऋषि महात्मा अपने शरीर को रोगमुक्त एवं बलशाली बनाते थे जिसके बल पर ऋषि मुनि वर्षों तक जीवित रहते थे। योग एक ऐंसा साधन है जिसे निरन्तर करने ... »

मां सरस्वती

हे मां शारदे करो मेरा अभिनन्दन स्वीकार, अज्ञानता को दूर कर करो मातृ हम पर उपकार। हाथ जोड़ विनती करूं शीश झुका करूं प्रणाम, नव कण्ठ स्वर चेतना का भर दो मां शारदे भण्डार।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

योग दिवस

योग करो निरोग रहो का आन्दोलन चलाना है, घर घर को जागरूक करके अलख जगाना है, नित सुबह और शाम योग करना व करवाना है। तन को निरोगी बनाकर रोग मुक्त भारत बनाना है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

सुशांत सिंह राजपूत

कलाकार सुशांत बालीवुड का गलीयारा बिखरा चरों तरफ सन्नाटा पसरा रो रो कर फैन्स का हाल‌ हुआ एक कलाकार का शोषण हुआ क्या वजह था तुम हार गये सुशांत सिंह क्यो तुम चले गये लड़ते लड़ते क्यो हार गये अपनों से क्यों तुम दूर गये एक्टिंग को अपने मार गये जालिमों के करतुतों को पहचान गये क्या वजह था तुम हार गये सुशांत सिंह क्यो तुम चले गये चकाचौंध में पागल हुआ बालीवुड परिवारवाद बना अब बालीवुड कलाकार कला को मार‌ रहा... »

ओस की बूंद

ओस की बूंद चाटकर, हवा वंसती को खाकर। हरियाली का दामन पकड़, खुशी का प्यारे इजहार कर।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

वीर जवान

वीरों की शक्ति अजर अमर रहें, थाती देश का सुसज्जित रहें। नयन की भाषा पढ़ना सिखों, अचल संपत्ति का हिसाब रहें।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

ओस

ओस की नयना शोभे तन पर, हवा वंसती मोहे मुझको । हरियाली तेरे बदन की सजनी, खुशियों की आभा बनकर बुलाये मुझको।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

हवा का झोंका

हवा का झोंका प्यार का एहसास कराता, ओंस की बूंद तन मन में आग लगाता। हरियाली खेतों की तराशे तुझे सनम, बसंती झोंका खुशीयों का गीत सुनाता।। महेश गुप्ता जौनपुरी »

आंखों से आंखें

आंखों से आंखें जब मिल जाती, प्यार का बिगुल दिल में बज जाती। इशारों की बातें जब जेहन में उतरती, आंखें गड़ाएं नजरें शनम को ढुढ़ती।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

पंच परमेश्वर

पंच परमेश्वर का राय सदैव लेकर, करते रहना सत्य का अभिषेख। झूठे मक्कार को बेनकाब करके, लिखते रहना तुम सच्चाई पर लेख।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

आंख में मिचोली

आंख में मिचोली बहुत हुआ, थाम लो अब मेरा तुम हाथ। प्रेम डगर बहुत कठिन है सनम, हाथों में हाथ लेकर चूम लो माथ।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी »

धोखा चाल

धोखा चाल को करो बेनकाब, पंच परमेश्वर से लगाओ गुहार। सत्य की राह पर चलकर प्यारे, उलझकर में पड़कर ना मानो हार।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

प्रेम डगर

प्रेम डगर आसान नहीं है प्यारे, बरसों लग जाते हैं इसे परखने में। हौसले के दम पर जो लड़ते हैं, प्यार में वही जीत सफल होते कहने में।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

हौसले

आंखों का काम ही है, कहीं ना कहीं टिक जाना। परिस्थितियों को जांच परख कर, हौसले से प्यार का गुल खिलाना।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

प्रेम पथिक

प्रेम पथिक जब चलते राहों में, पाकर ही लौटते प्रेमी राहों को। गली मोहल्ले का नाम पता कर, चूम लेते कांटेदार शाखाओं को।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

दिल का तड़पना

प्रेम में दिल का तड़पना होता है, अपने प्रीति को पाने का चाह होता है। दर्द लोक लाज सब बिसरा कर, प्रेमी खुद को पागल आवारा समझता है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

नजर

नजर से नजर मिली दिल की बात कह गयी, दर्द प्यार तड़प और आह की बात कह गयी। छुप छुपकर देखना अच्छा लगा मोहब्बत को, तन्हाई जुदाई की बात पल पल की रात कह गयी।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

आशिक

सच्चे आशिक जिस्म के मोहताज नहीं होते, प्रेम समर्पण करके खुद को आबाद कर जाते। आंच ना आये मोहब्बत की छोर में, इसलिए प्रेमी खुद को सरेआम मौत को गले लगाते।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

दिल

दिल जब लगता अच्छा बुरा कहां दिखता, तड़प आह दर्द को कहां वह गौर करता। आंखों आंखों से प्यार का इजहार करके, खुद को हिर रांझा जैसा मशीहा समझता।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

समय

समय ने ऐंसा करवट लिया, सब गूलर के फूल हो गये । कोरोना महामारी में पड़कर, सब अपनों से दूर हो गये।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

बेकार से बेगार

बेकार से बेगार भली ये जिंदगी, रहम से भली बिखर जाये ये जिंदगी। ताने बाने सुनना मेरा आदत नहीं दोस्त, खुद को झुकना वसूल नहीं मेरी जिंदगी।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

कोरोना महामारी

कोरोना महामारी नहीं बहाना है, मनु समझो बात को यह जानलेवा है। हंसी-मजाक में ना लो इस वैश्विक महामारी को, सारी दुनिया इस समय कोरोना से हारी है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी »

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