महेश गुप्ता जौनपुरी, Author at Saavan's Posts

मैं अंधभक्त बना रहा

मैं अंधभक्त बना रहा चीख पुकार को सुनता रहा एकता का गुणगान करता रहा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई भाई भाई करता रहा खून के छींटों पर आंख मूंद चलता रहा मैं अंधभक्त बना रहा मैं अंधभक्त बना रहा अपने अंदर का ज़मीर मैं मारता रहा डर भय से गड़गड़ा कर कांपता रहा घड़ीयाली मगरमच्छ आंसू यूं ही बहाता रहा वेगुनाह के लाश पर फूलों का गुच्छा चढ़ाता रहा मैं अंधभक्त बना रहा मैं अंधभक्त बना रहा आस पड़ोस की घटनाओं से मैं सहमा... »

बर्बाद इश्क

बर्बाद इश्क

वो इश्क के चक्कर में लाइलाज बैठे थे करके इंग्लिश में पी एच डी बर्बाद बैठे थे चौराहे के राहों में पलकें बिछा कर बैठे थे प्यार के चक्कर में उनके इंतजार में बैठे थे बड़ी उम्मीद थी उनको अपने प्यार के भरोसे पर वो वेवफा निकली सर से पांव तक लेकर प्यार की गम में सारी डिग्रियां धरी रह गई जिसे जी जान से चाहा बिना मिले चली गई यूं ही नहीं कोई बाबरा दिल लगाता है किसी से कोई गहरी प्यार की प्रतिक्रिया मिली होगी ... »

हवा

वसंती आयी वसंती आयी देखो देखो वसंती आयी साथ में हरियाली लायी फूलों की महक लायी भौरो को संग लेकर आयी ओंस की बूदो को लायी घर ऑगन को महकायी वसंत आयी वसंती आयी देखो देखो वसंती आयी कोयल की कूक सुनायी मौसम ने ली अगड़ायी सर-सर-सर हवा आयी जीवन में खुशीया लायी वसंत ने जादुई छड़ी घुमायी पतछड़ दुम दबाकर भागी वसंती आयी वसंती आयी देखो देखो वसंती आयी हरियाली का डेरा लायी मौसम बड़ा सुनहरा लायी रंग बिरंगे फूल खिल... »

मुक्तक

मुक्तक

धड़ाधड़ अंधाधुन हो रहा पेड़ों की कटाई, मूक बाधिर बने रहे तनिक लाज नहीं आई, सूलग रहा आरे आज राजनीति के करतुतो से, पर्यावरण प्रेमी को दबोच रहें हैं आरे कालोनी से, महेश गुप्ता जौनपुरी »

मुक्तक

फूल लताओं को समेट कर रखता मेरा गांव नल कूप को सहेज कर रखता मेरा गांव रिस्ते को मदमस्त खुशहाल रखता मेरा गांव मिट्टी की खुशबू को सहेज कर रखता मेरा गांव महेश गुप्ता जौनपुरी »

गरीबी का दर्द

गरीबी का दर्द क्या दर्द देखेगी दुनिया तेरी सुख गया है आंखों के पानी रिमझिम बारिश की फुहार में समेट रखा है आंचल में गरीब तेरी कहानी को उपहास बनायेगी ये दुनिया तू कल भी फुटपाथ पर था आज भी तेरी यही कहानी है गरीब था तू गरीब रहेगा वंचित तू तकदीर से रहेगा सुन गरीब लगा लें जोर अपना अस्तित्व बचा ले अब अब ना कोई कर्ण लेगा जन्म अब ना कृष्ण का वरदान मिलेगा तेरी करनी तु ही जाने मैं तो मतवाला आगे बढ़ा तरस आयेग... »

वीर भगत सिंह

वीर शहीद भगत सिंह भगत सिंह सुखदेव राजगुरु थे वीर बहादुर आजादी के तराने के लिए झूल गये फांसी पर भारत मां का नारा लगा कर चूम गये माटी को हमें अभिमान है वीर जवान तुम्हारे कुर्बानी पर हंसते हंसते देश पर न्योझावर जान अपना कर दिया हे वीर शहीद मैं तुमको भूल नहीं पायेंगे शेर सिंह सा दहाड़ था भगत सिंह के आवाज में भारत मां के लिए सदा कुर्बान था वीर सरदार हंसते हंसते जिसने चूम लिया फांसी को आजादी का सपना बां... »

बिटिया

मां बाप की लाडली होती बिटिया जीवन को रोशन करती है बिटिया घर परिवार को समेट कर रखती बिटिया रिस्ते कि बागडोर को निभाती बिटिया सुख दुख में साथ निभाती बिटिया जिम्मेदारी से कभी ना भागती बिटिया होंठों कि मुस्कान बन जाती बिटिया अंधेरे में उजाला बन साथ निभाती बिटिया अपने प्रेम भाव से सिंचित करती है बिटिया जीवन के हर मोड़ पर संग चलती है बिटिया बाबा के हर दर्द को समझ जाती है बिटिया समय समय पर खुशीयों का त्य... »

गीत

नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार चमचम चमकेला बिंदिया ए माई सुनर सुनर पऊआ में लागल बा महावर हाथवा में सोहेल गंदा चक्र ए माई महेश इन्द्रशेन करत बा पुजनवा तोहार दुखवा से ऊबारी कवनो जादू चलाई कई द हमनो के नईया पार ए माई नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार बढल जात बांटे बहुत ए पाप ये माई कई देतु कलयूग के सत्यानाश ए माई हमनी बांटी तोहरा सरनवा मे... »

मुक्तक

मेरे गलती पर साहब भौं भौं करके दौड़ लगाते, कानुनी नियम का पाठ पढ़ाकर पैसा जनता से खुब ऐंठते, ये कैसा कानून व्यवस्था है हमको भी बतलाओ यारों, नेता गिरी है या दादागिरी कोई तो जनता को बतलाओ, महेश गुप्ता जौनपुरी »

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