पत्थर को हीरा

आपने पत्थर को
हीरा बना दिया,
दीवानगी ने जाने कब,
मीरा बना दिया।

निरंतर पढ़ते रहें …
जानकी प्रसाद विवश का रचना संसार……।।

Comments

3 responses to “पत्थर को हीरा”

Leave a Reply

New Report

Close