प्यार कभी एक तरफा नही होता
ना होगा
दो रूहों के मिलान की जुड़वा पैदाइश है ये
बहता दरियां है
बस बहता रहता है
प्यार सिर्फ एक जिस्म से पैदा नही होता
मैं और तुम से एक रूह तक का सफर होता है
बस पैदा होता है दो जिस्मो मैं
और बढ़ता जाता है,
पर बूढ़ा नही होता
प्यार एक खुश्बू है
जिसकी, कोई पहचान नही
बस एक अहसास है,
प्यारे से रिस्ते का
प्यार कभी एक तरफा नही होता
ना होगा
दो रूहों के मिलान की जुड़वा पैदाइश है ये
प्यार कभी एक तरफा नही होता
Comments
2 responses to “प्यार कभी एक तरफा नही होता”
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वाह
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Nice
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