स्वैत आँचल को तेरे चेहरे से छिटकते देखा है बरसात के बाद चटक धूप मैं तुझे खिलते देखा है सुआपंख साड़ी को तेरे तन से लिपटते देखा है वो भीनी-भीनी,वो सोंधी-सोंधी खुशबू तेरे तन की […]

प्यार कभी एक तरफा नही होता ना होगा दो रूहों के मिलान की जुड़वा पैदाइश है ये बहता दरियां है बस बहता रहता है प्यार सिर्फ एक जिस्म से पैदा नही होता मैं और तुम […]

पुरानी किताबो के पन्ने पलटकर देखो इश्क़ की गहराइयो मैं खुद उतरकर देखो इश्क़ से गहरा समंदर भी नही बस एक बार आज़माकर देखो चंद लम्हो मैं तय होगा चाँद का फासला एक बार फासला […]

बड़े दिनों मैं कुछ फुर्सत सी मिली हैं, कलम फिर हाथ में लेने की, चाहत सी हुई है। कोई मंज़र घटा या फिर कोई बात हुई? या फिर दुनियां ए दस्तूर लिखने की चाहत हुई, […]