प्यार का पहला पन्ना

तुझसे क्या नाता जुड़ा
की हर सकस मैं तू नज़र आया

इतनी भी ना पास आ तू
की मेरे अकेलेपन को तेरी आदत पड़ जाए

गम ए दिल को दर्द की तोह आदत है
पर वहा ए मोहब्बत पहली बार है

सजदा किसका करु पता नहीं
तेरा या उस खुदा का जिसने तुझे बनाया

Comments

6 responses to “प्यार का पहला पन्ना”

    1. Antariksha Saha Avatar
      Antariksha Saha

      Thanks

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

    1. Antariksha Saha Avatar
      Antariksha Saha

      Thanks

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