प्यार की कैद

प्यार की कैद से रिहाई रव करे न कभी ।
इश्क की रिहाई से ,मौत भली होती है ।
– जानकी प्रसाद ‘विवश’

Comments

3 responses to “प्यार की कैद”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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