फासले

वक्त  मिटायेगा  फासले  क्या  पता  कब  वो  मेरे हो जाये,
मैं ही क्यो मानूँ हार जब भरी महफिल में भी सब अकेले हो जाये

Comments

3 responses to “फासले”

    1. Ushesh Tripathi Avatar
      Ushesh Tripathi

      Thank u..

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