बचपन नहीं मरा करता है

खोता कुछ भी नहीं यहाँ पर,
केवल जिल्द बदलती पोथी।
जैसे रात उतार चाँदनी,
पहने सुबह धूप की धोती,
वस्त्र बदलकर आने वालों! चाल बदलकर जाने वालों!
चंद खिलौनों के खोने से बचपन नहीं मरा करता है।

Comments

4 responses to “बचपन नहीं मरा करता है”

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    Bahut Khob

  2. Sonit Bopche Avatar

    bahut bahut sundar prastuti 🙂

  3. Ritu Soni Avatar
    Ritu Soni

    Very nice

Leave a Reply

New Report

Close