बचपन …

Bachpan…
बचपन भी कितना प्यारा और सच्चा था ..
हमारा दिल और दिमाग दोनों बच्चा था..

हर समय होती थी लड़ाई ..
मम्मी हमारी करती थी कुटाई ..

बचपन का वो दोस्तों के साथ मस्ती ..
न रहा वो मेल-मिलाप की गश्ती..

अब तो फिर ख्वाहिश है ,उस बचपन को जीने की …

जिस बचपन में हम बड़े होने के सपने देखते थे।।।…

Comments

2 responses to “बचपन …”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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