बर्बाद

मैने दिल को कितनी बार

समझाया, उसे याद न कर

वो अब किसी और की है।

उसके लिए खुद को बर्बाद मत कर।

माना मुश्किल है।उसे भुलाना

पर पाना भी उसे अब मुमकिन नहीं।

फिर क्यों नहीं तू

मानता मेरी बात ।

उसे याद कर मत धड़क

मै वाकई प्यार में बेबस हूँ।

मुझे और बेबस मत कर।

मैने दिल को कितनी बार

समझाया, अब उसे याद न कर

वो अब किसी और की है।

उसके लिए खुद को बर्बाद मत कर।

कवि:अविनाश कुमार

 

Comments

6 responses to “बर्बाद”

  1. Kavi Manohar Avatar

    अति सुन्दर

  2. AVINASH KUMAR RESAV Avatar
    AVINASH KUMAR RESAV

    धन्यवाद

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