बिखरी जुल्फों की लटा, आँखें लाल दिखाई देती है
हमें तुम्हारी ज़िन्दगी बेहाल दिखाई देती है
कल रात का फसाना आपका सुना था हमने भी
इसलिये भी आज आप बदहाल दिखाई देती है
-देव कुमार
बिखरी जुल्फों की लटा……
Comments
4 responses to “बिखरी जुल्फों की लटा……”
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वाह
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Thanku
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Waah
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वाह
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