बेड़ियां जो पैरों में
उसे घुंघरू बना लें
आओ ज़िंदगी का मज़ा लें
नाच ,गा लें
औरों को नचा दें
ज़िंदगी को खुशियों से सज़ा लें
आओ बाधाओं को
अवसर बना लें
सूखती नदियों में
बादलों को बरसा दें ।
आसमान में खेती करके
धरती को लहलहा दे
सबकी भूख मिटा दे
आओ सब मिलकर
असंभव को
संभव बना दें ।
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