भरम पाल बैठा हूँ

जमाना खराब है,
भरम पाल बैठा हूँ।
आगे सुधार होगा,
आशा में बैठा हूँ।
गलत ही गलत है,
नहीं कुछ सही है,
सब कुछ गलत है
भरम पाल बैठा हूँ।
खुद ही सही हूँ,
बाकी गलत हैं,
मुग्ध हूँ स्वयं में
भरम पाल बैठा हूँ।

Comments

3 responses to “भरम पाल बैठा हूँ”

  1. बहुत खूब, कुछ लोगों पर अच्छा कटाक्ष है

  2. वाह बहुत खूब

  3. बहुत सुंदर व्यंग्य करती पंक्तियां सर

Leave a Reply

New Report

Close