अपनी अनुजा का अंगरक्षक होता है
ईश्वर का दिया अनमोल उपहार होता है
अपनी जीत को भी न्योछावर करता है
हर इच्छा को वो पूरी करता है
सर आँखों पर अपनी बैठाकर रखता है
अगर आ जाये कोई तकलीफ तो
उसका तुरंत उपाय खोजता है
कलाई पर बंधे रक्षासूत्र को
सीने से लगाये रहता है
मुँह से निकली हर बात को पूरा करता है
जिन्दगी को जो खुशियों से भर देता है
ऐसा ही एक बड़ा भाई होता है।।
भाई
Comments
2 responses to “भाई”
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वाह
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बहुत सुंदर
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