बीवी ने कहा आज मंगलवार है
मन्दिर मुझे जाना है
कुछ पेसो के फूल होंगे
कुछ का गुलदाना है
मेने कहा आज की तू टाल मार
फिर से आएगा मंगलवार
उसे क्या पता मै हूँ पैसे का पुजारी
मन्दिर जाने की इच्छा
कभी पूरी ना होने दूंगा तुम्हारी
मंगलवार
Comments
5 responses to “मंगलवार”
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वाह
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Ha ha ha
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महोदय श्री टंकण पर ध्यान दें
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बढ़िया है
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बहुत खूब
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