मदहोश

होश में रहने वाले ही अक्सर बेहोश निकले,
बिना पिए ही पीने वालों से मदहोश निकले,

बोलने वालों की भीड़ का जायज़ा किया हमने,
न बोलने से बोलने वाले ज्यादा ख़मोश निकले,

जो बहाने बनाते रहे साथ हैं हम तुम्हारे कहके,
बगल में रहने वालों से ज़्यादा सरगोश निकले।।

राही अंजाना

Comments

5 responses to “मदहोश”

  1. ashmita Avatar

    वाह वाह

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close