मन की चेतना

मन की चेतना
आत्मा की वेदना
सत्य का भेदना
अधीर प्रश्न
बुझे उत्तर
बिलखते प्रश्नचिन्ह
निष्कर्ष कुंठित
आज का आदमी

राजेश ‘अरमान’

Comments

2 responses to “मन की चेतना”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    Jai ho

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