मन में है असमंजस, नहीं आता कुछ समझ, जिस काम को करने पर मिले खुशी,ओंरो को मिले गम ,उस काम को करूं या ना करूं रहता यही असमंजस। मन में है असमंजस, घर पर हो रही अनबन, मेहमान आए उसी समय घर पर, क्या करें क्या ना करें रहता यही असमंजस। मन में ही असमंजस, उन्होंने बुलाया मिलने आ जाना, घरवालों ने कहा वहां पर मत जाना, क्या करूं क्या ना करूं रहता है यही असमंजस। मन में है असमंजस, बस बीते गए साल का मातम या नए साल की खुशी मनाए समझ नहीं आता यही है असमंजस
मन में है असमंजस
Comments
4 responses to “मन में है असमंजस”
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उत्तम प्रयास
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nice
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Good
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वाह
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