माँ के लाल

एक माँ की गोद में एक माँ के लाल आ गए,
दोनों ही माँ की आँखों में आसूँ हाल आ गए,

रंग माथे दुरंगा लगा कर ख़ुशी से भेजा जिन्हें,
वो लिपटकर तिरंगे में आज बदली चाल आ गए,

सरहद पे रहे हथेली पर सांसों का दिया जलाये,
सो लगाकर देखभक्ति की अमिट मशाल आ गए।।

राही अंजाना

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