सबसे दुलारी हो!
तुम ही प्यारी हो!
अक्सर,ये कह तो देता हूं ; मैं प्रिय को
मगर ज़रा सा कुछ भी हो जाए,
मां याद आ ही जाती है।
मां याद आ ही जाती है(शायरी)
Comments
12 responses to “मां याद आ ही जाती है(शायरी)”
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वाह, बहुत ख़ूब। मां तो आखिर मां ही होती है ।
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🙏बहुत बहुत धन्यवाद जी
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Wah wah
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सादर धन्यवाद
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सादर धन्यवाद जी 🙏
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बहुत बहुत आभार 🙏
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अति सुंदर
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सादर धन्यवाद 🙏 सतीश सर
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Ek number
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धन्यवाद जी 🙏
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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