मां याद आ ही जाती है(शायरी)

सबसे दुलारी हो!
तुम ही प्यारी हो!
अक्सर,ये कह तो देता हूं ; मैं प्रिय को
मगर ज़रा सा कुछ भी हो जाए,
मां याद आ ही जाती है।

Comments

12 responses to “मां याद आ ही जाती है(शायरी)”

  1. Geeta kumari

    वाह, बहुत ख़ूब। मां तो आखिर मां ही होती है ।

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      🙏बहुत बहुत धन्यवाद जी

  2. This comment is currently unavailable

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      सादर धन्यवाद जी 🙏

    2. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत आभार 🙏

  3. Satish Pandey

    अति सुंदर

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      सादर धन्यवाद 🙏 सतीश सर

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद जी 🙏

  4. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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