सुगंध के लिए
इत्र पास रखिये
कठिन समय के लिए
मित्र पास रखिये।
विपत्ति में हौसला रखिये,
हँसी-मजाक का भी
शौक सा रखिये।
दुखों को आप हल्के में रखिये
अन्यथा रोज सकते में रहिए।
ईश दरबार में
झुकते रहिए,
छोड़ चिंताएं सभी
काम करते रहिए।
मित्र साथ रखिये
Comments
One response to “मित्र साथ रखिये”
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सुगंध के लिए
इत्र पास रखिये
कठिन समय के लिए
मित्र पास रखिये।
_________ कठिन समय में मित्र ही काम आते है मित्रता पर आधारित कवि सतीश जी की बहुत सुंदर रचना सुंदर भाव सुंदर शिल्प और लाजवाब अभिव्यक्ति,,,,,एक शानदार रचना
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