तेरी सूरत पर निर्भर रह कर
नहीं किया था प्यार तुझे
मैंने तेरी सीरत देखी
तभी किया था प्यार तुझे।
सूरत सदा नहीं रहती है
सीरत देती है अंतिम साथ,
तन आकर्षित संबंधों का
अधिक नहीं होता है साथ।
मन से जुड़े हुए रिश्ते ही
हर स्थिति में, होते हैं साथ,
इसीलिये मन जोड़ा तुझसे
अंतिम साँसों तक है साथ।
—— Dr. Satish Pandey