मुक्तक

ख्वाबों के जहाँन हमेशा नहीं रहते!

जख्मों के निशान हमेशा नहीं रहते!

रुकते नहीं हैं रास्ते मंजिल के कभी,

दर्द़ के तूफान हमेशा नहीं रहते!

 

रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Anirudh sethi Avatar
    Anirudh sethi

    उम्दा लाइने

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Pragya Shukla

    खूबसूरत पंक्ति

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