मुक्तक

तुमको देखकर मेरे ख्याल मचलते हैं!
तुमको सोचकर मेरे ख्वाब बहलते हैं!
किसतरह हालात पर लगाऊँ मैं बंदिशें?
मुझको दर्द के कदम दिन रात कुचलते हैं!

मुक्तककार – #महादेव’

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Mithilesh Rai Avatar
    Mithilesh Rai

    धन्यवाद

  2. Pragya Shukla

    वेरी नाइस सर

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