मुक्तक

दर्द के दामन में चाहत के कमल खिलते हैं!
अश्क की लकीर पर यादों के कदम चलते हैं!
रेंगते ख्यालों में नज़र आती हैं मंजिलें,
जिन्दगी में जब भी ख्वाबों के दिये जलते हैं!

मुक्तककार – #महादेव’
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Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Pratima chaudhary

    बहुत उम्दा

  2. Pragya Shukla

    बहुत खूबसूरत

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