मुक्तक

तेरी चाहत मेरे गुनाह जैसी है!
तेरी चाहत दर्द की आह जैसी है!
आँखों में आहट है ख्वाबों की लेकिन,
तेरी चाहत सितम की राह जैसी है!

मुक्तककार- #महादेव'(22)

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Kumar Bunty Avatar
    Kumar Bunty

    KABIL-E-TAARIF

    1. Mithilesh Rai Avatar

      धन्यवाद आदरणीय

  2. Abhishek kumar

    Nice

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