मुक्तक

तुमको एक मुद्दत से अपना बना बैठा हूँ!
अपनी उम्मीदों का सपना बना बैठा हूँ!
उलझा हुआ रहता हूँ मैं तेरे ख्यालों में,
तेरी चाहत को दुर्घटना बना बैठा हूँ!

#महादेव_की_कविताऐं

Comments

One response to “मुक्तक”

  1. Abhishek kumar

    Good

Leave a Reply

New Report

Close