मुक्तक

मेरा जिस्म है मगर जान तुम्हारी है!
तेरे बिना तन्हा जिन्दगी हमारी है!
दर्द बरक़रार है तेरी जुदाई का,
जाम की मदहोशी मेरी लाचारी है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

One response to “मुक्तक”

  1. Abhishek kumar

    Nice

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