मुक्तक

गमों को दिल में छुपाना आसान नहीं है!
शमा यादों की बुझाना आसान नहीं है!
जब भी छूट जाते हैं हमसफर राहों में,
अकेले लौट कर आना आसान नहीं है!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

Comments

2 responses to “मुक्तक”

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत सुंदर

  2. Abhishek kumar

    Jai ho

Leave a Reply

New Report

Close