मुक्तक

हार कर भी तेरी कहानी की तरह हूँ!
हार कर भी तेरी निशानी की तरह हूँ!
ठोकरें खाता रहा हूँ उम्र भर लेकिन,
जोशे-जिदंगी में जवानी की तरह हूँ!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

2 responses to “मुक्तक”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    Nice

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