मुक्तक

मंजिल की तलाश में तूफान मिल जाते हैं!
रास्तों में ख्वाबों के शमशान मिल जाते हैं!
उस वक्त भीग जाती हैं आँखें अश्कों से,
जब कभी भी यादों के निशान मिल जाते हैं!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

2 responses to “मुक्तक”

  1. Anirudh sethi Avatar
    Anirudh sethi

    nice

  2. Abhishek kumar

    Good

Leave a Reply

New Report

Close