मुक्तक

तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ!
तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ!
डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में,
मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

Comments

One response to “मुक्तक”

  1. Abhishek kumar

    Super

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