मुक्तक

तेरा जब मुझे रुखसार याद आता है!
तेरे हुस्न का दीदार याद आता है!
यादों से जुड़ जाती हैं वक्त की कड़ियाँ,
सब्र का दिल से तकरार याद आता है!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

Comments

4 responses to “मुक्तक”

    1. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया

  1. Shakun Saxena Avatar

    बहूत खूब सर मेरी नव वर्ष आने को है कविता को वोट करें प्लीज़ और लोगों को भी कहे

  2. Abhishek kumar

    Good

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