मुक्तक

मैं तेरा कबतलक इंतजार करता रहूँ?
तेरी आरजू को बेकरार करता रहूँ?
थक गयी हैं कोशिशें मेरी उम्मीदों की,
मैं तेरे प्यार पर ऐतबार करता रहूँ?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Anirudh sethi Avatar
    Anirudh sethi

    amazing

  2. Abhishek kumar

    Awesome

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