मुक्तक

तेरे दिल की बात बदल न जाए कहीं!
वक्ते-मुलाकात निकल न जाए कहीं!
कब तक करूँ यकीन तेरे प्यार पर?
तन्हाई में रात ढल न जाए कहीं!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

4 responses to “मुक्तक”

  1. DV Avatar

    beautiful poetry… congratulations

    1. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया आपका

  2. Abhishek kumar

    Good

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