मुक्तक

मुझको तेरी चाहते-नजर चाहिए!
दिल में तमन्नाओं की लहर चाहिए!
झिलमिलाते ख्वाब हों जुगनू की तरह,
मुझको यादों का वही शहर चाहिए!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

2 responses to “मुक्तक”

Leave a Reply

New Report

Close