मुक्तक

मैं कबतलक तेरा इंतजार करता रहूँ?
मैं कबतलक तुम पर ऐतबार करता रहूँ?
मुझे खौफ सताता है तेरी बेरुखी का,
मैं कबतलक खुद को बेकरार करता रहूँ?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

5 responses to “मुक्तक”

    1. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया आपका

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